खुद का पेशाब पीकर 11 दिन तक बरमूडा ट्रायंगल में जूझता रहा ये शख्स, लौटा जिंदा वापिस

खुद का पेशाब पीकर 11 दिन तक बरमूडा ट्रायंगल में जूझता रहा ये शख्स, लौटा जिंदा वापिस

बरमूडा ट्रायंगल को शैतान का टापू भी कहा जाता है. समुद्र की इस जगह पर सैंकड़ों लोगों ने अपनी जान गवाई है.

पूरी दुनिया मे बहुत सी ऐसी जगहें हैं जहां बहुत से रहस्य दफन हुए पडे हैं. लेकिन आज तक उन रहस्यों को सुलझाया नही जा सका. विज्ञान के पास आजकल हर बात का जवाब होता है. विज्ञान लोगों को उनके हर सवाल का जवाब भी देता है. विज्ञान सिर्फ उस बात पर यकीन करता है, जिसके सबूत उपलब्ध हों.

चमकार जैसी चीज पर विज्ञान कभी यकीन नही करता. लेकिन दुनिया मे एक ऐसा रहस्य भी है, जिसको लोग चमतकार मानते है. जिसका नाम है “बरमूडा ट्रायंगल” यहां से गुजरने वाला हर जहाज वहां के समुंदर में आने पर गायब हो जाता है. और इसी के चलते सैंकडो लोग वहां अपनी जान गवा चुके हैं. विज्ञान भी आज तक इसका सटीक जवाब नही दे पाया है. चलिए जानते हैं, क्या है बरमूडा ट्रायंगल, और कैसे वहां एक शख्स ने अपने आप को जिंदा बचाये रखा.

चीनी मीडिया के मुताबिक “नियान” नामक मछुआरे को वहां की रेस्क्यू टीम ने “कार्गो शिप” के जरिये रेस्क्यू किया. नियान 10 मई के दिन मछलियां पकडने समुद्र में गया था. वहां वो समुद्र के सबसे खतरनाक इलाके, बरमूडा ट्रायंगल में फस गया. यह इलाका दक्षिण चीन तट से करीब 63 किलोमीटर दूर था. लेकिन बरमूडा ट्रायंगल के वाले इलाके में वो गलती से घुस गया और वहां फस गया. ठीक 11 दिन बाद चीन की रेस्क्यू टीम ने उसे जिंदा बचा लिया.

11 दिन तक कैसे किया संघर्ष

“नियान” ने समुद्र में फसने के बाद हिम्मत नही हारी, वो 11 दिन तक समुद्र से लडता रहा. नियान को भूख लगने लगी और उसने मछलियों को डाला जाने वाला चारा खाकर पेट भरा. नियान समुद्र का खारा पानी नही आई सकता था. उसने अपनी प्यास बुझाने के लिए अपना ही पेशाब पिया.

इस तरह से वो 11 दिन तक समुद्र में जंग लडता रहा. 11 दिन के बाद वो एक दम कमजोर और बेहोशी की हालत में रेस्क्यू टीम को मिला, लेकिन उसकी जान बच गई थी. नियान का परिवार और उसकी बीवी नियान के आने की उम्मीद छोड़ चुके थे. लेकिन नियान अपने संघर्ष के कारण आज आपने परिवार मे जिंदा है.

क्या है बरमूडा ट्रायंगल ?

बरमूडा ट्रायंगल समुद्र का एक खतरनाक क्षेत्र है, जिसे शैतानी टापू के नाम से भी जाना जाता है. एटलांटिक महासागर का हिस्सा है. दक्षिण चीन सागर के समुद्री भाग को जापान, फिलीपींस और इंडोनेशिया ने एशिया का बरमूडा ट्रांयगल घोषित किया है. यहां से गुजरने वाले जहाजों कोई ना कोई दिक्कत जरूर आती है, उनके रेडार, कंपास और कमन्यूकेशन के सभी सिस्टम में दिक्कत आ जाती है. इसी कारण जहाज वहां भटक कर समुद्र में डूब भी जाते हैं.

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