मिलिये 93 वर्षीय पौराणिक मूर्तिकार, राम वंजी सुतार से जो की Statue Of Unity के निर्माता है

भारत में फ़िलहाल में ही दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति का निर्मार्ण किया गया है | यह सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति है और इसको Statue Of Unity नाम दिया गया है | यह मूर्ति भारत की आज़ादी को सम्मान करने हेतु बनायीं गयी है | यह मूर्ति 182 मीटर लंबी है और Statue Of Liberty से दो गुना लंबी है | इस उपलब्धि के पीछे 93 वर्षीय पौराणिक मूर्तिकार राम वंजी सुतार है।

मिलिये 93 वर्षीय पौराणिक मूर्तिकार, राम वंजी सुतार से जो की Statue Of Unity के निर्माता है

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राम वानजी सुतार का जीवन मूर्तिकारों को चित्रित करने के लिए वास्तव में समर्पित है। यह कलाकार 70 वर्षों से एक मूर्तिकार के रूप में भारत की सेवा कर रहा है |  उन्होंने भारत को सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति सहित लगभग 8,000 मूर्तियां दी हैं। एकता की मूर्ति गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित है। यह सरदार सरोवर बांध स्थित है।

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पौराणिक मूर्तिकार को पद्म भूषण पुरस्कार और पद्मश्री पुरस्कार भी मिला है जिसे भारत का सबसे बड़ा सम्मान माना जाता है। संस्कृति मंत्रालय द्वारा, सुचर को वर्ष 2016 में टैगोर पुरस्कार के लिए नामित किया गया है जो भारत द्वारा प्रदान किए जाने वाले सबसे बड़े सम्मान में से एक है। पुरस्कार प्राप्त करने के बाद, कलाकार को 1 करोड़ रुपये दिए जायेंगे और उद्धरण के साथ मूल्यवान माना जाएगा।

राम वानजी सुतार का जन्म 1925 में महाराष्ट्र के धुले जिले के गोदुर गांव में हुआ था। वह एक बढ़ई का बेटे थे । कलाकृति उनके खून में ही थी। उन्होंने बहुत ही कम उम्र में मूर्तिकला में अपनी रूचि विकसित करली थी,  वे अपने बचपन में ही दिवालों पर तरह तरह की तस्वीर बनाया करते थे |

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राम वानजी सुतार ने अपने गांव को छोड़ दिया और आगे के अध्ययन के लिए मुंबई चले गए, फिर वह उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली चले गए। इस बीच, उन्होंने एक फ्रीलांसर के रूप में काम करने का फैसला किया। उन्होंने न केवल भारत के लिए काम किया है बल्कि उनकी मूर्तियां अभी भी इटली, रूस, इंग्लैंड, फ्रांस और मलेशिया जैसे अन्य देशों में उन्हें गर्व कर रही हैं।

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